Thursday, August 28, 2014

मीडिया की करतूत है या घटनाए ही ऐसी होती है ?

ये मिडिया भी आये दिन समाचार ऐसे देती है, की लगता है हम ऐसे देश में रह रहे हैं , जहां कानून और इन्सान नहीं कोई विशेष जंगल है|
कही कोई पड़ोसी दो तीन महीने की बच्ची के साथ दुष्कर्म करता है तो कहीं कोई मामा अपनी भांजी  के साथ|
कहीं सामूहिक बलात्कार तो कहीं बरगला के| ये सारे समाचार एक साथ एक ही वक़्त | क्या मीडिया ऐसे समाचार चुन चुन के लाती है ? या ऐसी घटनाए अभी ही ज्यादा होने लग गई?
अगर घटनाए ही ऐसी हो रही है तो जो बुद्धिमान लोग है वो अपना क्या योगदान दे  रहे हैं| कम से कम इतना तो किया ही जा सकता है, की रोज ऐसे मुद्दे पर चर्चा कर अपने आस पास के लोगों को ऐसी घटनाओं से जागरूक करें सिर्फ सरकार के कानून बना देनें भर से कुछ नहीं होगा|
ऐसी स्थिति में रिश्ते तो जैसे ख़त्म ही हो जायेंगे  कोई चाचा,  मामा, फूफा,के घर नहीं जाएगा हम भले हमारा परिवार भला|

Wednesday, August 27, 2014

साईं बाबा जाएँ तो जाएँ कहाँ ??

आखिर साईं बाबा का चमत्कार झेल चुके लोग इस स्थिति में आ गए की समझ नहीं आता राम को पूजें या साइ को |
अब शंकराचार्य का कहना की साईं बाबा भगवान् नहीं है ..तो साईं बाबा ने कब कहा की वो भगवान् है ? यहाँ तक की किसी संत ने अपने आपको भगवान नहीं कहा | 
आखिर अब ये सवाल कैसे उठा? इतने दिन सब शंकराचार्य और मठाधीश कहाँ थे ?? 
कल तक साईं नाम का जप करने वाले आज उन्ही के नाम पर गाली गलोज करने से बाज नहीं आ रहे है |
कोई उन्हें मुस्लिम तो कोई हिन्दू ठहरा रहा है | मुर्ख पब्लिक इनकी चक्कर घिन्नी में फंस के तय नहीं कर पा रही की किसे पूजें ? ये सवाल इसलिए तो नहीं उठा की शन्कराचार्य जी की कमाई में कुछ कमोबेश होने लगा ?
बिलकुल बात तो यही है या फिर साईं के पुजारियों की चांदी होते देख शंकराचार्य के मन में भी लालच आ गया |
मैं कोई साईं भक्त या राम भक्त नहीं हूँ | पर एक साधारण समझ रखने वाले इंसान के मन में ये बात जरुर आती है की जिन लोगों ने साइ के प्रत्यक्ष चमत्कार देखे हैं( चाहे वे संजोग ही रहे हों ) उनके मानस पटल से  उसे कैसे उतारा जा सकता है | वही कट्टर भक्त है |
साईं बाबा के ही नहीं ललू पंजू कोई भी बाबा हो अगर किसी का काम कहीं न बने और निर्मल बाबा के दरबार में बन जाए तो क्या कहिएगा ...?? आप चाहे जो भी कहिये बन्दा तो निर्मल बाबा के चरण धो धो के पिएगा |
हालांकि ये कोई बाबा देव या भगवान् का नहीं बल्कि उसकी आस्था का (विल पॉवर) से या संजोग से होता है |
पर जन जन को कौन समझाए ??जीसस क्राइस्ट ने भी कहा की अगर तेरा विस्वास मुझमे है है तो तूं अवस्य स्वस्थ होगा | 
उसपर भी कुछ मुर्ख इंसान भगवान् को ही धन अर्पित करते है सारा लफड़ा यही से शुरू होता है...उनके इसी धन और स्वर्ण छत्रों के चढाने से ही साईं और राम का युद्ध है |
मंदिर जाओ साइ धाम जाओ श्रध्दा से हाथ जोड़ कर आ जाओ | चढ़ावा और दिखावा मत करो फिर न तो करोड़ो साधुओ की जमात होगी न साईं होगा न निर्मल बाबा होगा |


Sunday, June 30, 2013

नमस्ते मिडिया !!

धन्य है भारत का  मीडिया,  एक से बढ़कर एक | ये कहीं कोई समाचार बनने से पहले ही पहुँच जाते है |(क्यूंकि हमें तो पता इनके जरिये ही पता लगता है सच हो या झूठ )
अभी केदारनाथ में आई भारी विपदा के समय भी कुछ ऐसा ही है | जो न्यूज़ चैनल लगाओ वही कहता है : जी हाँ  हमारी टीम जो सबसे पहले पहुंची है घटना स्थल पर,  कभी कभी बहम होता है कहीं इन्होने ने ही तो नहीं करवाई ये त्रासदी ?

कोई बड़ी बात नहीं ये कभी कभी  इतने आस्तिक हो जाते है, की नास्तिक भी इनकी बात सुनकर अस्तिया जाता है| हो सकता है उसी समय भगवान् से कोई ऐसा वर मांग ले|
अभी तो जैसे इनके हाथ अंधे को बटेर वाली कहावत सच हो  गई  हो, कम से कम छ: महीने का चारा तो मिल ही गया |

ऐसा कहा जा सकता  है की इनकी अभी सीजन चल रही है |इंडिया टी वी और आजतक में तो समाचार देखना किस्मत की बात हो गई है ,अगर आप कि किस्मत अच्छी है तो समाचार देख सकते है वरना निचे चल रही अपडेट लाइनों से काम चलाना होगा|

 मेरी तो तकदीर सुखी लकड़ी से लिखी गयी है, जब भी ये चैनल लगाता हूँ नहाने धोने और गोरा बनाने वाली क्रीम बेचने वालों को ही पाता  हूँ | वहीँ अगर आप अच्छे समाचार साधक है, और आप में धैर्य है तो  एक अच्छे साधक की तरह   सारी क्रीम साबुन देखने के बाद समाचार थोडा बहुत देख सकते है |

हर चेनल दर्शकों को लुभाने का प्रयास एक्सक्लूसिव तरीके से कर रहा है | मुझे तो लगता है अभी कुछ ऑफर और देने वाले हैं , "जी हाँ समाचारों के साथ पाइए एक अल ई डी  २२" टी वी फ्री" , या : जी हां    हमरा चैनल लगातार एक  महीने देखिये और पाइए एक डीस एंटना फ्री| वैसे ये राय उनको पहुंचाई जा सकती है |
तरह तरह के प्रपंच रचे जा रहे हैं| जिन्होंने इस आपदा को झेला है उनसे  फिर वो मंजर याद करवाके  रुलाते हैं|
और तब कहते है :जी हाँ देखिये कैसे रो रहे हैं ? इनकी आँखों से आंसू  अभी भी सूखे नहीं है ( और न हम सूखने देंगे )

जिन्होंने अपनों को खोया है उन सबसे जा कर कहते है हमारे चैनल के माध्यम से आप अपने पापा, मम्मी, भाई, बेटे से कहिये की आप कहीं भी है तो आ जाइए |

क्या वो घर छोड़ के गए हैं? रूठ के गए हैं? अगर कोई कहीं फंसा ही होगा (हजारों म कोई एक ) तो क्या वो अपने घरसे दुर  हना चाहेगा ? कुछ नहीं इन सब बातों का एक ही मतलब है, भावनाओं से खेलकर अपना चैनल चलाना| देखने वालों को भावुक करना और उनमे उम्र भर की झूठी तस्सली देना जो उनको न जीने देगी न मरने |

अरे कुछ करना ही है तो जाओ उत्तराखंड के गाँव गांव, जंगल जंगल ,बस्ती बस्ती,  फिरो कोई बचा होगा तो वहाँ मिलेगा जहा न तुम्हारा मीडिया है न कोई साधन |
उस नदी के किनारे किनारे डोलो जहां हो सकता है कोई डूबता हुआ बचा हो और इस हालत में न हो की घर पहुँच सके |

आएँगी ऐसी कहानिया भी सामने आएँगी की मौत को हराकर अमुक अपने घर इतने दीन बाद लौटा |पर हजारों में कोई एक |




Friday, June 28, 2013

एक बार फिर फङफङाना है...

सोचता हूँ बहुत दिन धकक्के खा लिया क्यूँ ना वापस आया जाए | मेरे में कुछ नहीं तो कम से कम बुद्धि जिव है उनकी संगत तो करें| ताउजी ताईजी  भी काफी नाराज हो गए होंगे, और वो मूंछो वाले भाई जी (ललित शर्मा जी )  ) तो लट्ठ ले कर तैयार खड्डे होंगे की मुरारिया कभी तो आवेगा |
अगर बाल बाल बच   भी गए तो लाल बाल गोपाल नहीं छोड़ने वाले अंग्रेजी मुक्के मारेंगे |उड़न तश्तरी में बिठा के पता नहीं कौन कौन से एक्सपेरिमेंट करेंगे |पहले शास्त्री जी से परमिशन भी तो लेनी पड़ेगी |इरफान भाई ने लगायी है ये वापस आने वाली आग|
अब एक ही कर्णधार है जो सबको मना सके अविनाश दादा |    मेरा मन अब फेसबुक में नहीं लगता | अब तो यहीं   संतोष  है |यहाँ कम से कम  कानूनी सलाह मशविरा तो दिनेशजी  के साथ किया जा सकता है | बाहर कहीं कोई भाई महफूज नहीं है | पता नहीं कौन किस को कब काजल लगा जाए | जो है सो यही है | भाटियाजी अनिलजी सब  बुद्धि   प्रवीण लोग यही हैं |

Tuesday, May 8, 2012

शर्म करो बेशर्मो!!!


राजनीति एक घीनौना और गंदा काम है कहकर हम पल्ला झाड लेते हैं | खुद कोई इसमें उतरकर सफाई करना नहीं चाहता| जो अच्छे व्यक्ति हैं जो भारत के लिए महान सोच रखते हैं जिनको पब्लिक जानती है, अगर भूल से कोई अच्छा व्यक्ति अच्छे मनसूबे लेकर जाता है भी है तो उसकी सारी पब्लिसिटी का मटियामेट करने में हम चारों तरफ से जुट जाते हैं |अरे इतना अच्छा व्यक्ति इसको राजनीति में नहीं जाना चाहिए था.....इसने बहुत गलत किया, अपने पैरों पर कुल्हाड़ा मारा है वगेरह वगेरह| मैं सचिन की बात नहीं कर रहा, मैं बाबा राम देव के बारे में अपनी व्यक्तिगत राय ये रखता हूँ की वो राजनीति में आयें | सिर्फ योगा और जड़ी बुन्तीयाँ और अच्छे भाषण से कुछ नहीं होने वाला | अच्छे भाषणों पर लोग तालियाँ तो बजाते हैं और वाह वाही भी करते हैं पर फलदायक कुछ नहीं करते | सिर्फ अपने स्वास्थ्य को बनाने के लिए प्रयाश करते है| यही जो ताली बजाते हैं और वाह वाही करते हैं वही बाबजी को गलियाँ देनें से बाज नहीं आये जब राम लीला मैदान में भयानक काण्ड हुआ था | कुछेक को छोड़ कर सबने भर्त्सना की थी | बाबा को राजनीति से क्या लेना!!! रामदेवजी ने ये अच्छा नहीं किया वगेरह वगेरह .. और कुछ चमचे चेन्नल जिन्होंने बाबाजी को बदनाम करने में खून पसीना एक कर दिया | पर क्या बाबाजी खाली योगासन सिखा कर ही भारत को स्वस्थ बना सकते हैं? अगर भारत को गन्दी राजनीति से उबारना है तो ऐसे ही किसी महापुरुस को गटर में उतरना होगा और गन्दगी को तरीके से तरतीब से अपनी सूझ बुझ केमिकल से, साफ़ करना होगा| वो चाहे बाबाजी हो या सचिन तेंदुलकर हो या एनी कोई भारत का सच्चा सपूत हो| लच्छे दार भाषा शैली का उपयोग करना mujhe नहीं आता पर अपने मन की भडास मैं एक साधारण बोलचाली वाली भाषा में भी निकाल सकता हूँ और अंत में उनकी घोर निंदा करता हूँ जो राजनीति को गंदा मानते हैं पर गन्दगी को साफ़ करने वालों का भी साथ नहीं देते .... जय भारत .. जय हिंद ...

Sunday, February 26, 2012

कोमेडी किंग !!

जी हाँ इस शुक्रवार रात्रि १० बजे आप मेरे joks का लुत्फ़ उठा सकते हैं, dish tv पर चेनल नो.857 और रिलायंस वाले 969 न चेनल पर, टाटा स्काई पर चेनल न 891 और विस्तृत जानकारी के लिए लोग ओन करें http://dy365.in/

Saturday, February 18, 2012

नमस्कार दोस्तों पेशे खिदमत रेडियो उह लाला पर साक्षात्कार आर जे वीर उर्फ़ के साथ !!

Friday, February 10, 2012

Sunday, January 29, 2012

सफलता की पहली पेड़ी ||

जी हाँ दोस्तों, आसाम जैसे स्टेट में जहां आसामिज चैनल और आसामिज दर्शक है,वहीँ मुझे आसाम के दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है और असाम के जानेमाने हास्य कलाकारों में मेरा भी शुमार हो गया है ! आसाम के डी वाई ३६५( http://dy365.in ) न्यूज चेनल पर चल रही हास्य प्रतिस्पर्धा में उच्च १० हास्य कलाकारों में अपनी पहचान बनाने में सक्षम हुआ हूँ, यानी की कोमेडी किंग के सेमी फ़ाइनल में प्रवेश पा चुका हूँ| फिलहाल २ रा राउंड प्रसारित कीया जा रहा है, जिसके ११ एपिसोड बने थे| अभी तक २ रे राउंड के ६ एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं| अभी ५ एपिसोड २ रे राउंड के बाकी है | उसके बाद लगातार ३-४-५ राउंड प्रसारित होने हैं जिनको लगभग अप्रैल मई तक प्रसारित किया जायेगा| फिर शुरू होगा मुकाबला टॉप टेन के बिच में, जहाँ जनता करेगी फैसला अपने अस ऍम अस के द्वारा की कौन जाएगा आगे ? और कौन निकलेगा बाहर ? फ़िलहाल दो तीन महीने एन्जॉय कीजिये कामेडी किंग हर गुरुवार और शुक्रवार रात १० बजे से १०:३० तक | यहाँ ये बताना लाजमी होगा की मैं एक मात्र हिंदी में संवाद करता हूँ बाकी कंटेस्टेंट यहाँ की स्थानीय भाषा में ही प्रस्तुति देते हैं| आपको बताने में मेरा स्वार्थ भी छिपा हुआ है क्यूंकि इंसान स्वार्थी तो होता ही है| पहला स्वार्थ की दोस्तों की हौशला अफजायी के बिना अधूरापन , दुसरा स्वार्थ आने वाले टॉप टेन के समय मुझे आपके अस ऍम अस की सख्त आवश्यकता रहेगी|

Monday, October 31, 2011

मेरा आने वाला कार्यक्रम

नमस्कार दोस्तों आज कहने की बात यह की मैंने आसाम के लोकल चैनल DY365 http://www.dy365.in/programmes.php में जो की कोमेडी किंग के नाम से प्रसारित किया जाएगा में आडिशन दिया है और आप सब की दुआ से दुसरे राउंड के लिए सेलेक्शन भी हो गया है | ये चैनल फ्री एयर चैनल है डी टी अच् की किसी भी डिश में आसानी से देखा जा सकता है | ये प्रोग्राम हर गुरुवार और शुक्रवार को रात्रि १० बजे प्रसारित किया जायेगा ...मैंने अन्ना हजारे सुदेश लहरी और कपिल की मिमिक्री की है...