ओ बहंता बटाउड़ा कुन्न जावे ?
(मतलब हे रास्ते के मुसाफिर कहा जा रहे हो |)
कियाँ कूरळावे कलजीओ क्यू आँसू टपकावे
(मतलब क्यू हृदय विह्वल है क्यू आँसू टपक रहे है )
प्रीत लगा के मन मीत बनाया कोई ना मिल साचा
(मतलब प्रीत लगा कर मीत बनाए पर सच्चा नहीं मिल कोई )
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आपके लिए ही लिखा है आप ने टिपण्णी की धन्यवाद !!!