Saturday, April 18, 2026

बटाऊ


 ओ बहंता बटाउड़ा कुन्न जावे ?

(मतलब हे रास्ते के मुसाफिर कहा जा रहे हो |)

कियाँ कूरळावे कलजीओ क्यू आँसू टपकावे 

(मतलब क्यू हृदय विह्वल है क्यू आँसू टपक रहे है )

प्रीत लगा के मन मीत  बनाया कोई ना मिल साचा 

(मतलब प्रीत लगा कर मीत बनाए पर सच्चा नहीं मिल कोई )

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