अब देखिये मोटे शरीर के चलते क्या क्या सहन नहीं करना पड़ा ???
आज कल जिम्नेजियम का ज़माना है, तो साथ के दोस्तों ने कहा यार कुछ मोटापा कम करले|
कुछ कसरत वसरत किया कर | बाबा रामदेवजी के योगासन से अपनी विशाल कया को मानवो में मिलती जुलती बना |
मैं बोला : अरे भाई अब इतनी बड़ी काया से कोई योगासन करे तो कैसे करे |
दोस्तों ने सलाह दी डाक्टर का सहारा ले कुछ तो शरीर मेल में आयेगा |
पहुँच गया मैं डाक्टर झटका के पास और अपनी सारी व्यथा बयान करदी |
डाक्टर झटका भी शायद समझ गया की फोकटिया पेशेंट हैं बोला: एक काम करना मैं तुम्हे दवाई नहीं दूंगा |
मैं बोला: तो क्या दोगे डाक्टर साब !!!
डाक्टर झटका साब बोले : देखो तेरी हैशियत नहीं की दवाई खरीद के खाओ इसलिए एक सस्ता सा उपाय है |
मैं खुश होता होअया बोला: तो डाक्टर साब देर क्यों तुरत बाताइए आज से शुरू करता हूँ |
डाक्टर झटका बोला: दो सुखी रोटी सुबह खाना और दो सुखी रोटी शाम को !!!
मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था इतना सस्ता उपाय मैंने झट से पूछा : अब डाक्टर साब ये भी बता दीजिये की ये दो सुखी रोटी खाना खाने के बाद खानी हैं खाना खाने से पहले!!!
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Monday, November 23, 2009
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