Saturday, May 28, 2011

एक और भजन की प्रस्तुति !

नमस्कार दोस्तों ! पेशे खिदमत है एक और भजन जो मैंने अपने गांव के ही मंदिर में फिल्माया है !!! आप सब की हौशला अफजाई की कामना करता हूँ !!!

2 comments:

  1. बहुत ही अच्छा गायन और चित्रांकन।

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  2. वाह भाई मुरारी लाल जी,चोखो भजन सुणायो।
    पण बिना टोपी थाने पिछाणनो मुस्किल है।

    राम राम
    जय बाबा की

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आपके लिए ही लिखा है आप ने टिपण्णी की धन्यवाद !!!