Monday, December 7, 2009

समीर लाल "समीर" जी की कविता रेडियो मिष्टी सिक्किम 95FM par

मिष्टी महफ़िल में समीर लाल समीर जी की कविता प्रस्तुत की गयी !! यहाँ सिर्फ लाइने ही लगाईं गई पूरा प्रोग्राम नहीं है पुरे प्रोग्राम के लिए साइड बार में क्लीक करें !!

13 comments:

  1. Aaj to aapke paas tippanee nahi shikayat leke aayi hun...! Kitna arsa hua"ek sawaal tum karo",pe aapkee meher nazar gaye?
    Chaliye,ab shikayat darj kara dee to dil halka ho gaya,ab prastuti dekhti/suntee hun!
    Blog pe samay nikal zaroor padharen!Aap to co-author hain!

    http://shamasansmaran.blogspot.com

    http://kavitasbyshama.blogspot.com

    http://aajtakyahantak-thelightbyalonelypath.blogspot.com

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  2. बहुत खूब, मुरारी भाई, अच्छी प्रस्तुति !

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  3. बहुत आभार आपका. सुन्दर प्रस्तुति!!

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  4. मुरारी जी, बहुत ही बढिया लगी आपकी ये प्रस्तुति........

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  5. लाजवाब प्रस्तुति है ......... आपका और समीर भाई दोनो का जवाब नही ..........

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  6. ... सुन्दर प्रस्तुति !!!!

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  7. वाह मुरारी जी,यो कमाल तो थे ही कर सको हो, म्हाने तो नाज है थारे उपर्। लाजवाब, राम-राम, मिलिए शाम को 6 बजे चैट रुम मे।

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  8. बेहतरीन प्रस्तुति.

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  9. Mishti mahaphil--khubsurat prastuit!
    bahut achchha laga Sunkar!
    Sameer ji ko badhaayee.Lokpriyta ke naye sopan aise hi chadhte rahen.Shubhkamnayen.

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  10. बेहतरीन प्रस्तुति.

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  11. वाह !यह तो आप ने बहुत ही अच्छा किया..समीर जी का जिक्र और उनकी कविेता सिक्किम की जनता तक पहुन्चायी. bahut achchha laga sunNa.prastuti bahut badhiya hai.
    abhaar...

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आपके लिए ही लिखा है आप ने टिपण्णी की धन्यवाद !!!